मेरी कमी भी महसूस होगी
आज मेरी महफ़िल में मैं अकेला ही सही, लेकिन वो वक़्त भी आएगा जब मेरी महफ़िल भी रोशन होगी।
उस महफ़िल में मेरे अपने भी होंगे और मेरे दुश्मन भी, बस एक तेरी ही कमी होगी।।
आज हस्ते है जो मुझ पर मेरा मजाक उड़ा कर, उस दिन हर उस शक्श की आँखे भी नम होगी।
आज तो कह देते है क्या फरक पड़ेगा तेरे जाने से, बैठोगे अकेले तब मेरी कमी महसूस होगी।।

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